Jhoomar
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झूमर एक अत्यंत लोकप्रिय लोकनृत्य है, जो बिहार के आदिवासी और ग्रामीण समाज की सामूहिकता, श्रम-संस्कृति और उत्सवधर्मिता का प्रतीक है। यह नृत्य सामान्यतः स्त्री-पुरुषों द्वारा साथ में किया जाता है। नर्तक-नर्तकियाँ एक-दूसरे का हाथ थामकर अर्धवृत्त में झूमते हुए तालबद्ध तरीके से नृत्य करते हैं।
“झूमर” शब्द स्वयं ‘झूमने’ (लय में हिलने-डुलने) से आया है, और इस नृत्य में शरीर की प्राकृतिक झूमती गति ही इसकी पहचान है। नृत्य के साथ गाए जाने वाले गीत कृषि, प्रेम, प्रकृति और सामाजिक विषयों पर आधारित होते हैं।
यह नृत्य न सिर्फ मनोरंजन है, बल्कि ग्रामीण जीवन की सामूहिक चेतना और सांस्कृतिक आत्मा का भी प्रतिनिधित्व करता है।
मुख्य विशेषताएँ:
सामूहिक नृत्य जिसमें स्त्री-पुरुष साथ में भाग लेते हैं
हाथों में हाथ डाले अर्धवृत्त में झूमते हुए लयबद्ध गति
ढोल, मंजीरा, नगाड़ा आदि लोक वाद्य यंत्रों की संगति
गीतों में जीवन, श्रम, प्रेम और प्रकृति की झलक
Performance Info
Folk Dance Of Bihar
Writer :
Kunal
Music :
Raju Mishra
Choreography & Direction:
Jeetendra Kumar