Bihar Darpan
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भारत की सांस्कृतिक चेतना का निर्मल दर्पण है बिहार। बुद्ध महावीर और गुरुगोविन्द सिंह ने यहाँ क्रमशः बौद्ध जैन और खालसा पंथ की स्थापना की। राजनीति अध्यात्म राष्टीय चेतना दर्शन और कला में जिसका सानी नहीं, जहाँ लोकतंत्र की पहली किरण फूटी, वह बिहार भारत के मानचित्र का ध्रुवतारा है। ये बिहार है जिसके कण कण में इतिहास बोलता है।यहाँ सम्राट अशोक जैसा महान शासक हुआ तो चाणक्य सरीखा विधिवेत्ता। बाणभट्ट जैसा विद्वान हुआ तो आर्यभट्ट जैसा खगोलविद्। कुँवर सिंह और पीर अली जैसे वीरों में यहाँ क्रान्ति का बिगुल बजाया तो महात्मा गाँधी नें इसी धरती पर अहिंसा का अलख जगाया। इसी धरती पर देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद जैसा सपूत जन्मा जो स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्टपति और बिहार का गौरव पुरुष बना। हमें नाज है उस बिहार पर जिसके आँगन में गंगा, गंडक, सोनभद्र, फल्गु, कोशी, कमला जैसी नदियाँ छलकती है। उसका कला वैभव शब्दों में नहीं समाता। अंग देश में सती बिहुला की लोकगाथा, मिथिला में विद्यापति के रसीले पद और भोजपुर में भिखारी ठाकुर की विदेसिया घुन जहाँ दिशा दिशा को संगीतमय बनाती है। जहाँ छठ जैसा अनूठा महापर्व मनाया जाता है और जहाँ के सोहर, पँवरिया, कजरी, झूमर, झरनी आदि गीतों से गाँव गली मुखर हैं। उस बिहार की छोटी सी झाँकी है यह बिहार दर्पण।
Performance Info
Glimpses Of Bihar
Writer :
Padmashree Dr Shanti Jain
Music :
Sitaram Singh
Director :
Jeetendra Kumar